बुधवार, 10 दिसंबर 2025

इतिहास : 10 दिसंबर की महत्वपूर्ण घटनाएं...

शहीद वीर नारायण सिंह


शहीद वीर नारायण सिंह बलिदान दिवस 


1857 के स्वातंत्र्य समर में अंग्रेजों से लोहा लेते हुए अपना बलिदान देने वाले अमर क्रांतिकारी वीर नारायण सिंह का नाम छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद के रूप में प्रतिष्ठित है। वे सोनाखान के जमींदार थे। उन्होंने 1856–57 के अकाल के दौरान ईस्ट इंडिया कंपनी के संरक्षण में पनपी अनाज जमाखोरी और औपनिवेशिक शोषण के विरुद्ध विद्रोह का नेतृत्व किया। 10 दिसम्बर 1857 को उन्हें रायपुर के जय स्तम्भ चौक पर फाँसी दे दी गयी।


विश्व मानवाधिकार दिवस


'संयुक्त राष्ट्र संघ' की महासभा ने 10 दिसम्बर, 1948 को सार्वभौमिक मानवाधिकार घोषणापत्र को अधिकारिक मान्यता प्रदान की थी। तब से प्रत्येक वर्ष 10 दिसम्बर को विश्व मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है। सामान्य शब्दों में 'मानवाधिकार' किसी भी इंसान की ज़िंदगी, आज़ादी, बराबरी और सम्मान का अधिकार है। 


अमर्त्य सेन को अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार 


भारत के प्रसिद्ध अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को 1998 में अर्थशास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था। यह पुरस्कार उन्हें कल्याणकारी अर्थशास्त्र, सामाजिक विकल्प सिद्धांत और विकास अर्थशास्त्र में योगदान के लिए मिला था। वे अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार पाने वाले पहले भारतीय बने।


मैरी क्यूरी, पियरे क्यूरी को हेनरी बेकरेल के साथ नोबेल पुरस्कार 


1903 में आज के दिन पोलैंड-जन्मी फ्रांसीसी वैज्ञानिक मैरी क्यूरी और उनके पति पियरे क्यूरी को फ्रांसीसी वैज्ञानिक हेनरी बेकरेल के साथ रेडियोधर्मिता के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व शोध के लिए भौतिकी का नोबेल पुरस्कार दिया गया था। मैरी क्यूरी नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाली पहली महिला बनीं और दो अलग-अलग विज्ञान क्षेत्रों (भौतिकी और रसायन) में नोबेल पुरस्कार जीतने वाली एकमात्र वैज्ञानिक। 


- ललित मानिकपुरी, छत्तीसगढ़ 





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