रविवार, 28 दिसंबर 2025

आज का इतिहास : 28 दिसंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

 


पंडित सुन्दरलाल शर्मा जी की पुण्यतिथि 


छत्तीसगढ के गांधी के रूप में प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक और साहित्यकार पंडित सुंदरलाल शर्मा जी का निधन 28 दिसंबर 1940 को हुआ था। वे छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता आंदोलन और सामाजिक क्रांति के अग्रदूत थे। उन्होंने छत्तीसगढ़ में छुआछूत, रूढ़िवादिता और अंधविश्वास के खिलाफ काम किया। वे कंडेल सत्याग्रह के प्रमुख सूत्रधार थे। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा साहित्य के क्षेत्र में उनके नाम पर "पंडित सुंदरलाल शर्मा सम्मान" दिया जाता है।


रतन टाटा जी का जन्मदिन 


भारतीय उद्योग जगत की मशहूर हस्ती रतन नवल टाटा जी का जन्म 28 दिसंबर 1937 को हुआ था। उन्होंने टाटा समूह का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में टाटा समूह ने वैश्विक विस्तार किया। उन्हें नवाचार और जनकल्याण से जुड़ी सोच के लिए जाना जाता है। उद्योग के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और समाजसेवा में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।


धीरूभाई अंबानी जी का जन्म दिवस 


भारत के अग्रणी उद्यमी और रिलायंस समूह के संस्थापक धीरूभाई अंबानी जी का जन्म 28 दिसंबर 1932 को हुआ था। उन्होंने सीमित संसाधनों से शुरुआत कर रिलायंस को भारत की सबसे प्रभावशाली औद्योगिक कंपनियों में स्थापित किया। जोखिम लेने की क्षमता, दूरदर्शिता और आत्मनिर्भर भारत की सोच धीरूभाई अंबानी की उद्यमशील विरासत के प्रमुख स्तंभ माने जाते हैं।


कुशाभाऊ ठाकरे जी की पुण्यतिथि 


कुशाभाऊ ठाकरे जी (1922–2003) भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख वैचारिक स्तंभ और संगठनकर्ता थे। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से आए और लंबे समय तक भारतीय जनसंघ व बाद में भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ करने में लगे रहे। 1998 से 2000 तक उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। अनुशासित जीवन, सादगी और कार्यकर्ताओं के बीच गहरी पैठ के कारण वे “संगठन पुरुष” के रूप में पहचाने जाते हैं। 


अरुण जेटली जी का जन्म दिवस 


अरुण जेटली जी (28 दिसंबर 1952 - 24 अगस्त 2019) भारत के प्रमुख राजनेता, प्रखर वक्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता थे। वे भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में रहे और केंद्र सरकार में वित्त, रक्षा, कॉर्पोरेट कार्य, सूचना एवं प्रसारण जैसे महत्त्वपूर्ण मंत्रालयों का दायित्व संभाला। वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने वस्तु एवं सेवा कर (GST) जैसे ऐतिहासिक कर सुधार को लागू करने में निर्णायक भूमिका निभाई। 


भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला अधिवेशन 


भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला अधिवेशन 28 दिसंबर 1885 को बंबई (अब मुंबई) के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में आयोजित किया गया था। इस अधिवेशन में देश भर के 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। इसकी अध्यक्षता व्योमेश चन्द्र बनर्जी ने की थी। कांग्रेस की स्थापना में सेवानिवृत्त ब्रिटिश अधिकारी ए.ओ. ह्यूम की प्रमुख भूमिका थी।


कोलकाता में पहली बार बोलती फ़िल्म मेलोडी ऑफ लव प्रदर्शित


28 दिसंबर 1928 को कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) के एल्फिंस्टन पिक्चर पैलेस में पहली बार बोलती फिल्म 'मेलोडी ऑफ लव' प्रदर्शित की गई थी। यह 1928 में निर्मित एक अमेरिकी रोमांटिक फिल्म थी। यह ऐतिहासिक प्रदर्शन मदन थिएटर्स के प्रयास से हुआ, जो भारत में ध्वनि सिनेमा की शुरुआत का संकेत था। भारतीय सिनेमा में पहली आधिकारिक बोलती फिल्म 'आलम आरा' 14 मार्च 1931 में रिलीज़ हुई थी।



शनिवार, 27 दिसंबर 2025

आज का इतिहास : 27 दिसंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

 


• विश्व बैंक की स्थापना 


विश्व बैंक की स्थापना 27 दिसंबर 1945 को द्वितीय विश्व युद्ध के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण और विकास के उद्देश्य से हुई। यह 1944 के ब्रेटन वुड्स सम्मेलन का प्रमुख परिणाम था। प्रारंभ में इसे अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक (IBRD) के रूप में स्थापित किया गया, जो आज विश्व बैंक समूह का एक प्रमुख अंग है। विश्व बैंक का मुख्य उद्देश्य युद्ध-प्रभावित देशों के पुनर्निर्माण में सहायता करना, गरीबी उन्मूलन और विकासशील देशों को वित्तीय व तकनीकी सहयोग प्रदान करना है। इसका मुख्यालय वाशिंगटन डी.सी. अमेरिका में स्थित है। वर्तमान में IBRD के 189 सदस्य देश हैं। 


शहीद लांस नायक अल्बर्ट एक्का का जन्म दिवस 


27 दिसंबर 1942 को जन्मे लांस नायक अल्बर्ट एक्का भारतीय सेना के उन वीर सपूतों में शामिल हैं, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान दिया। वे बिहार रेजिमेंट की 14वीं बटालियन में सेवारत थे। 1971 के भारत–पाक युद्ध के दौरान, तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) के गंगासागर क्षेत्र में उन्होंने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में दुश्मन की मजबूत चौकियों पर आक्रमण किया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को पूरा किया और अंततः वीरगति को प्राप्त हुए। उनकी असाधारण बहादुरी, नेतृत्व और आत्मबलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान 'परमवीर चक्र' से सम्मानित किया गया। 


मिर्ज़ा ‘ग़ालिब’ का जन्म दिवस 


उर्दू और फ़ारसी साहित्य के महान शायर मिर्ज़ा ग़ालिब का जन्म 27 दिसंबर 1797 को आगरा उतर प्रदेश में हुआ था। उनका पूरा नाम मिर्ज़ा असदुल्लाह ख़ाँ बेग था। ग़ालिब का काव्य जीवन, प्रेम, पीड़ा, दर्शन और अस्तित्व संबंधी प्रश्नों की गहरी अभिव्यक्ति करता है। उन्होंने ग़ज़ल को केवल प्रेम-काव्य तक सीमित न रखकर उसमें बौद्धिकता, आत्मचिंतन और दार्शनिक गहराई जोड़ी। ग़ालिब की शायरी आज भी साहित्य, संस्कृति और जनमानस में कालजयी प्रभाव बनाए हुए है, और उन्हें उर्दू साहित्य की आधुनिक चेतना का अग्रदूत माना जाता है।


बेनज़ीर भुट्टो की हत्या 


27 दिसंबर 2007 को रावलपिंडी में पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री और तत्कालीन विपक्षी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की नेता बेनज़ीर भुट्टो की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वे जनवरी 2008 में होने वाले चुनावों से पहले प्रचार कर रही थीं। लियाकत नेशनल बाग में एक राजनीतिक रैली के बाद उन पर गोलियां चलाई गईं और गोलीबारी के तुरंत बाद एक आत्मघाती बम विस्फोट किया गया। रावलपिंडी जनरल अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। 


सार्वजनिक रूप से पहली बार ‘जन गण मन’ का गायन


गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा रचित ‘जन गण मन’ का पहली बार सार्वजनिक रूप से गायन 27 दिसंबर 1911 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता वार्षिक अधिवेशन में हुआ था। इस रचना में भारत के विभिन्न प्रांतों और जनसमूहों का प्रतीकात्मक उल्लेख है, जो एकीकृत राष्ट्र की अवधारणा या राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करता है। स्वतंत्रता के पश्चात 24 जनवरी 1950 को ‘जन गण मन’ को भारत के राष्ट्रगान के रूप में औपचारिक रूप से स्वीकार किया गया।



शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025

आज का इतिहास : 26 दिसंबर की महत्वपूर्ण घटनाएं

 


वीर बाल दिवस 


भारत में हर साल 26 दिसंबर को 'वीर बाल दिवस' मनाया जाता है। यह दिन सिखों के दसवें गुरु 'श्री गुरु गोबिंद सिंह जी' के छोटे साहिबजादों - 'बाबा जोरावर सिंह' और 'बाबा फतेह सिंह' के अद्वितीय बलिदान को याद करने के लिए समर्पित है। 1705 में मुगल शासकों ने दोनों छोटे साहिबजादों को कैद कर धर्म परिवर्तन के लिए घोर यातनाएं दीं, लेकिन उन्होंने सिख धर्म त्यागने से इनकार कर दिया, इस वजह से उन्हें दीवार में जिंदा चिनवा कर शहीद किया गया। बहुत कम उम्र में धर्म, सच्चाई और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर देने वाले इन दोनों वीर बालकों के साहस और बलिदान को राष्ट्र सदैव याद रखे, इस उद्देश्य से 9 जनवरी 2022 को श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के दिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 'वीर बाल दिवस' की घोषणा की थी।


अमर शहीद ऊधम सिंह की जयंती 


महान क्रांतिकारी अमर शहीद ऊधम सिंह का जन्म 26 दिसंबर 1899 का जन्म पंजाब के संगरूर ज़िले के सुनाम गाँव में हुआ था। उन्होंने 13 अप्रैल 1919 ई. को पंजाब में हुए भीषण जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड के उत्तरदायी जनरल माइकल ओ'डायर की लंदन में गोली मारकर हत्या कर निर्दोष भारतीय लोगों की मौत का बदला लिया था। 31 जुलाई 1940 को उन्हें 'पेंटनविले जेल' में फाँसी दे दी गयी। 


पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की पुण्यतिथि


डॉ. मनमोहन सिंह भारत के 13वें प्रधानमंत्री थे। उनका जन्म पाकिस्तान में 26 सितंबर सन् 1932 ई. को 'गाह' नामक गाँव में हुआ था। देश के विभाजन के बाद उनका परिवार भारत चला आया। वे एक कुशल राजनेता और प्रशासक के साथ-साथ उच्च कोटि के विद्वान, अर्थशास्त्री और विचारक भी थे। वे 22 मई 2004 से 26 मई 2014 तक प्रधानमंत्री रहे। 26 दिसंबर 2024 को उनका निधन हुआ। 


मुग़ल बादशाह बाबर का इंतकाल 


भारतीय इतिहास में 'बाबर' के नाम से प्रसिद्ध, मुग़ल शासक 

'ज़हिर उद-दिन मुहम्मद बाबर' का इंतकाल 26 दिसम्बर 1530 ई. को आगरा में हुआ था। वह भारत में 'मुग़ल वंश का संस्थापक' था। 1526 ई. में पानीपत के प्रथम युद्ध में 'दिल्ली सल्तनत' के अंतिम वंश (लोदी वंश) के 'सुल्तान इब्राहीम लोदी' को पराजित कर बाबर ने 'भारत में मुग़ल वंश की स्थापना' की थी। 



गुरुवार, 25 दिसंबर 2025

इतिहास : 25 दिसंबर की महत्वपूर्ण घटनाएँ



•  अटल जी की जयंती 'सुशासन दिवस'


पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्मदिन लोकतांत्रिक मूल्यों और सुशासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के कारण भारत में 'सुशासन दिवस' के रूप में मनाया जाता है। उनका जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर, मध्य प्रदेश में हुआ था। वे भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक नेताओं में से एक और प्रखर वक्ता, कवि तथा अत्यंत लोकप्रिय राजनेता थे। वे तीन बार भारत के प्रधानमंत्री बने। पहली बार 16 मई 1996, दूसरी बार 19 मार्च 1998 और तीसरी बार 13 अक्टूबर 1999 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने 1998 में पोखरण में पाँच परमाणु परीक्षण कर विश्व को भारत की परमाणु क्षमता का अहसास कराया। कारगिल युद्ध में पाकिस्तान को धूल चटाई। राष्ट्र के प्रति अमूल्य योगदान के लिए उन्हें 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया। 


पंडित मदनमोहन मालवीय जी की जयंती 


महामना पंडित मदनमोहन मालवीय जी (1861–1946) महान शिक्षाविद, स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक थे। उन्होंने 1916 में 'बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय' (BHU) की स्थापना की, जो भारत के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में से एक है। राष्ट्र सेवा में अतुलनीय योगदान के लिए 2014 में उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

 

Christmas Day 

 

क्रिसमस ईसा मसीह या यीशु (Jesus Christ) के जन्म की खुशी में मनाया जाने वाला पर्व है। यह 25 दिसंबर को पूरे विश्व में मनाया जाता है। इस दिन मसीही समाज के लोग अपने आराध्य प्रभु यीशु की आराधना करते हैं, जिन्होंने दुनिया को प्रेम, क्षमा, करुणा का संदेश दिया। उनके आगमन की खुशी में अपने घरों की विशेष साज-सज्जा कर एक-दूसरे को उपहार देते हुए खुशियाँ बाँटते हैं। 


गोर्बाचोव के त्यागपत्र के साथ सोवियत संघ का अंत 


25 दिसंबर 1991 को सोवियत राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचेव के इस्तीफे के साथ ही सोवियत संघ का आधिकारिक तौर पर अंत हो गया। सोवियत संघ के विघटन से रूस, यूक्रेन, बेलारूस, अज़रबैजान, जॉर्जिया, आदि 15 स्वतंत्र गणराज्यों का उदय हुआ। 


चार्ली चैपलिन का निधन 


 हॉलीवुड के मूक फिल्मों के दिग्गज अभिनेता और निर्देशक चार्ली चैपलिन का निधन 25 दिसंबर 1977 को स्विट्जरलैंड में हुआ। अपनी प्रतिष्ठित "द ट्रैम्प" (The Tramp) भूमिका के लिए मशहूर, चैपलिन का 75 वर्षों का करियर मूक सिनेमा के सुनहरे दौर का प्रतीक रहा। 


धर्मवीर भारती जी का जन्म दिवस 


धर्मवीर भारती जी (1923–1997) आधुनिक हिन्दी साहित्य के महान रचनाकार थे। उनका उपन्यास 'गुनाहों का देवता' तथा काव्य-नाटक 'अंधा युग' हिन्दी साहित्य की कालजयी कृतियाँ हैं। वे लंबे समय तक 'धर्मयुग' पत्रिका के संपादक रहे और साहित्य को आधुनिक संवेदनाओं से जोड़ा।


संगीतकार नौशाद का जन्म दिवस 


नौशाद (1919–2006) हिन्दी सिनेमा के सर्वाधिक प्रभावशाली संगीतकारों में से एक थे। उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत को लोकप्रिय फिल्म संगीत से जोड़ा। बैजू बावरा, मुग़ल-ए-आज़म और मदर इंडिया जैसी फिल्मों में उनका संगीत भारतीय फिल्म संगीत की धरोहर माना जाता है। 


• सर आइज़ैक न्यूटन का जन्म दिवस 


सर आइज़ैक न्यूटन  (1642–1727) विश्व इतिहास के महानतम वैज्ञानिकों में गिने जाते हैं। उन्होंने 'गति के नियम' और 'सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत' प्रतिपादित किया। उनकी पुस्तक 'प्रिंसिपिया' आधुनिक भौतिकी की आधारशिला मानी जाती है। 


ज्ञानी ज़ैल सिंह जी की पुण्यतिथि 


ज्ञानी ज़ैल सिंह (1916–1994) भारत के सातवें राष्ट्रपति थे। वे स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े रहे और पंजाब के मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय गृह मंत्री भी रहे। राष्ट्रपति के रूप में उनका कार्यकाल भारतीय राजनीति के एक जटिल दौर से जुड़ा रहा, फिर भी वे सादगी और जनसंपर्क के लिए जाने जाते हैं।


• चक्रवर्ती राजगोपालाचारी जी की पुण्यतिथि 


चक्रवर्ती राजगोपालाचारी जी (1878–1972) स्वतंत्रता सेनानी, विचारक और प्रशासक थे। वे स्वतंत्र भारत के अंतिम गवर्नर जनरल रहे। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और भारत के गृहमंत्री के रूप में भी उन्होंने सेवा दी। 


बुधवार, 24 दिसंबर 2025

इतिहास : 24 दिसंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

 


राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस


'राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस' भारत में प्रतिवर्ष 24 दिसंबर को मनाया जाता है। इसी दिन 1986 में 'उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम' को राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई थी। इस दिवस का प्रमुख उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और संरक्षण तंत्र के प्रति जागरूक करना है।


अमर गायक मुहम्मद रफ़ी का जन्म दिवस 


हिंदी सिनेमा के अमर पार्श्व गायक मोहम्मद रफ़ी का जन्म 24 दिसम्बर 1924 को पंजाब में हुआ था। उन्होंने फ़िल्म संगीत में अपने जीवनकाल में हजारों गीतों को आवाज़ दी और उन्हें पद्मश्री, कई फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार तथा राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 


 • वाजपेयी जी को 'भारत रत्न' देने की घोषणा 


भारत सरकार ने 24 दिसंबर 2014 को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी और स्वतंत्रता सेनानी पंडित मदन मोहन मालवीय जी (मरणोपरांत) को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित करने की घोषणा की थी। तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी जी ने 27 मार्च 2015 को वाजपेयी जी को उनके आवास पर यह सम्मान प्रदान किया। 


विश्व भारती विश्वविद्यालय की स्थापना 


 गुरुदेव रबीन्द्रनाथ ठाकुर ने 23 दिसंबर 1921 को शांतिनिकेतन, पश्चिम बंगाल में 'विश्व-भारती विश्वविद्यालय' की स्थापना की थी। वर्ष 1951 में इसे एक केंद्रीय विश्वविद्यालय और 'राष्ट्रीय महत्व का संस्थान' घोषित किया गया। सितंबर 2023 में 'यूनेस्को' ने 'शांतिनिकेतन' को 'विश्व विरासत स्थल' के रूप में मान्यता दी। 


वास्को डी गामा का भारत में निधन 


1498 में यूरोप से भारत का सीधा समुद्री मार्ग खोजने वाले प्रसिद्ध पुर्तगाली खोजी नाविक 'वास्को डी गामा' की मृत्यु 24 दिसंबर 1524 को कोच्चि (केरल) में हुई थी। उन्हें यहीं दफनाया गया, फिर 1538 में उनके अवशेष पुर्तगाल ले जाए गए। 


विश्व शतरंज चैंपियन बने विश्वनाथन आनंद


24 दिसंबर 2000 को विश्वनाथन आनंद ने FIDE विश्व शतरंज चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रच दिया। वे विश्व शतरंज चैंपियन बनने वाले पहले भारतीय बने। आगे चलकर 2007, 2008, 2010 और 2012 में भी वे विश्व चैंपियन बने। उनकी सफलता से भारत में शतरंज को व्यापक लोकप्रियता मिली और आगे चलकर कई युवा ग्रैंडमास्टर्स उभरे।



मंगलवार, 23 दिसंबर 2025

इतिहास : 23 दिसंबर की महत्वपूर्ण घटनाएं




किसान दिवस 


23 दिसम्बर को भारत में 'किसान दिवस' मनाया जाता है। इस दिन प्रमुख किसान नेता पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती मनाई जाती है। उनका जन्म 23 दिसम्बर 1902 को उत्तर प्रदेश के शहरी जिले में हुआ था। भारतीय कृषि नीति में उनके योगदान को याद किया जाता है यह दिन सैनिकों के सम्मान और अधिकार पर केंद्रित है।


शनि के उपग्रह 'रिया' की खोज 


इटालियन-फ़्रांसीसी खगोलशास्त्री जियोवनी डोमेनिको कैसिनी ने 23 दिसंबर 1672 को शनि के चंद्रमा रिया (रिया) की खोज की थी। यह शनि का दूसरा चंद्रमा था। कैसिनी ने रिया के अलावा शनि के तीन अन्य मूनों इपेटस (1671), टेथिस (1684) और डायोन (1684) की भी खोज की। रिया शनि का दूसरा सबसे बड़ा चंद्रमा है। 


पी. वी. नरसिंह राव जी की स्मृति 


पामुलापति वैंकट नरसिंह राव जी भारत के नौवें प्रधानमंत्री थे। वे 21 जून 1991 से 16 मई 1996 तक प्रधानमंत्री रहे। उनके कार्यकाल में 1991 के आर्थिक सुधारों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को उदारीकरण की दिशा में धीरे-धीरे ख़त्म कर दिया। 23 दिसम्बर 2004 को उनका निधन हो गया। वर्ष 2024 में भारत सरकार ने उन्हें 'भारत रत्न' से सम्मानित किया।


रामवृक्ष बेनीपुरी जी का जन्म दिवस


23 दिसंबर 1899 को हिंदी के महान वैज्ञानिक रामवृक्ष बेनीपुरी जी का जन्म हुआ। वे स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े हुए हैं और उनके साहित्य में सामाजिक वैयक्तिकता और राष्ट्रीय भावना का तंबाकू रूप शामिल है। 'जय प्रकाश', 'नेत्रदान', 'सीता की मां', 'विजेता', 'मील के पत्थर', 'गेहूँ और गुलाब' आदि उनकी प्रसिद्ध कृतियाँ हैं।


स्वामी श्रद्धानन्द जी की स्मृति 


स्वामी दयानंद सरस्वती जी के शिष्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, समाज सुधारक स्वामी श्रद्धानंद जी ने 1901 में ब्रिटेन में वैदिक धर्म और भारतीय शिक्षा दीक्षा वाले संस्थान "गुरुकुल" की स्थापना की। इस समय यह मानद विश्वविद्यालय है, जिसका नाम 'गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय' है। 23 दिसम्बर 1926 को उनका निधन हो गया।



सोमवार, 22 दिसंबर 2025

इतिहास : 22 दिसंबर की महत्वपूर्ण घटनाएं

 



श्रीगुरु गोविंद सिंह जी प्रकाश पर्व


श्रीगुरु गोविंद सिंह जी (1666–1708) सिख पंथ के दसवें एवं अंतिम मानव गुरु थे। उनका जन्म 22 दिसंबर 1666 ई. को पटना साहिब (वर्तमान बिहार) में हुआ। उनका जीवन धार्मिक स्वतंत्रता, सामाजिक न्याय और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए समर्पित रहा। 1699 ई. में बैसाखी के अवसर पर उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की। उन्होंने सिख समुदाय को एक संगठित, अनुशासित और समानतावादी पहचान दी। उन्होंने अन्याय और धार्मिक उत्पीड़न के विरुद्ध संघर्ष को धर्म का अंग माना। उन्होंने 'दसम ग्रंथ' की रचना की, जिसमें वीर रस, नीति और आध्यात्मिक चिंतन का समन्वय है। 1708 ई. में नांदेड़ (महाराष्ट्र) में उन्होंने 'गुरु ग्रंथ साहिब' को सिखों का शाश्वत गुरु घोषित किया।


राष्ट्रीय गणित दिवस (रामानुजम स्मृति दिवस)


श्रीनिवास रामानुजन् इयंगर (1887-1920) एक महान् भारतीय गणितज्ञ थे। उनकी स्मृति में प्रत्येक वर्ष 22 दिसम्बर को 'राष्ट्रीय गणित दिवस' मनाया जाता है। रामानुजन का जन्म 22 दिसम्बर 1887 को कोयम्बटूर के समीप ईरोड नाम के ग्राम में हुआ था। इन्होंने संख्या सिद्धांत, विश्लेषण, अनंत श्रेणियाँ और निरंतर भिन्नांशों में महत्वपूर्ण परिणाम दिए। उनके द्वारा गणित के लिए किए गए अनुसंधान आज भी दुनिया भर के गणितज्ञों के लिए प्रेरणा हैं। हालांकि इनके द्वारा किए गए अधिकांश कार्य अभी भी वैज्ञानिकों के लिए अबूझ पहेली बने हुए हैं। 


भारत में पहली मालगाड़ी चली


भारत में पहली यात्री ट्रेन 16 अप्रैल 1853 को मुंबई से ठाणे के बीच चली थी, लेकिन पहली मालगाड़ी 22 दिसंबर 1851 को उत्तराखंड के रुड़की से पिरन कलियर के बीच चलाई गई थी। गंगा नहर के निर्माण के लिए मिट्टी और निर्माण सामग्री ढोने के लिए इस भाप इंजन वाली ट्रेन का उपयोग किया गया था, जो 10 किमी की दूरी 38 मिनट में तय करती थी। इस ट्रेन में इस्तेमाल होने वाले भाप इंजन का नाम 'थॉमसन' था, जिसे इंग्लैंड से मंगाया गया था।