• ‘स्टार्ट द्वितीय’ परमाणु संधि पर हस्ताक्षर
अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश और रूस के राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन ने 3 जनवरी 1993 को START-II (Strategic Arms Reduction Treaty-II) पर हस्ताक्षर किए। इस संधि का उद्देश्य शीत युद्ध के बाद दोनों देशों के रणनीतिक परमाणु हथियारों में भारी कटौती करना था। यद्यपि यह संधि पूरी तरह लागू नहीं हो सकी, फिर भी इसे परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जाता है।
• शांति निकेतन में ‘ब्रह्मचर्य आश्रम’ की स्थापना
गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने 3 जनवरी 1901 को पश्चिम बंगाल के शांति निकेतन में 'ब्रह्मचर्य आश्रम' की स्थापना की। यह आश्रम प्रकृति के सान्निध्य में शिक्षा देने की एक अभिनव पहल थी, जिसने आगे चलकर 'विश्व-भारती विश्वविद्यालय' का रूप लिया। यह भारतीय शिक्षा-दर्शन में एक ऐतिहासिक मोड़ माना जाता है।
आज इनकी जयंती है -
• सावित्रीबाई फुले जी
महान समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले जी का जन्म 3 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के सतारा जिले के नायगाँव में हुआ था। वे भारत की पहली महिला शिक्षिका, प्रखर नारीवादी चिंतक और मराठी भाषा की पहली कवयित्री थीं। उन्होंने अपने पति महात्मा ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर बालिकाओं, दलितों और वंचित वर्गों की शिक्षा के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया।
• जसवंत सिंह जी
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह जी का जन्म 3 जनवरी 1938 को बाड़मेर राजपूताना में हुआ था। उन्होंने भारत सरकार में विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री और वित्त मंत्री जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया।
आज इनकी पुण्यतिथि है -
• सावित्रीबाई फुले जी
महान समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले जी का जन्म 3 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के सतारा जिले के नायगाँव में हुआ था। वे भारत की पहली महिला शिक्षिका, प्रखर नारीवादी चिंतक और मराठी भाषा की पहली कवयित्री थीं। उन्होंने अपने पति महात्मा ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर बालिकाओं, दलितों और वंचित वर्गों की शिक्षा के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया।
• मोहन राकेश जी
आधुनिक हिंदी साहित्य के प्रमुख स्तंभ, लेखक और नाटककार मोहन राकेश जी का निधन 3 जनवरी 1972 को हुआ। वे नई कहानी आंदोलन के अग्रणी रचनाकारों में थे। ‘आषाढ़ का एक दिन’, ‘लहरों के राजहंस’ जैसे उनके नाटक हिंदी रंगमंच की अमूल्य धरोहर हैं।
• डॉ. सतीश धवन जी
भारत के महान अंतरिक्ष वैज्ञानिक और इसरो के तीसरे अध्यक्ष डॉ. सतीश धवन का निधन 3 जनवरी 2002 को हुआ। उनके नेतृत्व में भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम को वैज्ञानिक मजबूती और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित भारत का अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र उनके ही नाम पर रखा गया है।
• एम. एस. गोपालकृष्णन जी
भारत के प्रसिद्ध वायलिन वादक एम. एस. गोपालकृष्णन का निधन 3 जनवरी 2013 को हुआ। वे कर्नाटक और हिंदुस्तानी दोनों संगीत परंपराओं में समान रूप से दक्ष थे और भारतीय शास्त्रीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाने वाले महान कलाकारों में गिने जाते हैं।

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