गुरुवार, 1 जनवरी 2026

आज का इतिहास : 1 जनवरी की महत्वपूर्ण घटनाएं

  


भारतीय दंड संहिता (IPC) लागू

भारतीय दंड संहिता (IPC) ब्रिटिश शासनकाल में 1 जनवरी 1862 से पूरे भारत में लागू किया गया था, जो लगभग 162 वर्षों तक भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली की रीढ़ बना रहा। भारत सरकार ने 2023 में तीन नए आपराधिक कानून बनाए, जो 1 जुलाई 2024 से प्रभाव में आए और औपनिवेशिक काल के कानूनों का स्थान लिया।


महारानी विक्टोरिया भारत की साम्राज्ञी बनीं

1 जनवरी 1877 को ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया को औपचारिक रूप से भारत की साम्राज्ञी (Empress of India) घोषित किया गया। यह घोषणा दिल्ली दरबार के माध्यम से हुई और इससे भारत में ब्रिटिश राज का साम्राज्यवादी स्वरूप और स्पष्ट हुआ।


भारत में मनी ऑर्डर प्रणाली की शुरुआत

1880 में भारत में मनी ऑर्डर प्रणाली की शुरुआत हुई। इस व्यवस्था ने दूर-दराज़ क्षेत्रों में सुरक्षित धन प्रेषण को संभव बनाया और आम जनजीवन, विशेषकर ग्रामीण भारत, में डाक व्यवस्था की उपयोगिता को बढ़ाया।


महात्मा गांधी को ‘केसर-ए-हिंद’ सम्मान

1915 में महात्मा गांधी जी को दक्षिण अफ्रीका में किए गए मानवीय और सामाजिक कार्यों के लिए ब्रिटिश सरकार द्वारा ‘केसर-ए-हिंद’ सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान उस समय सार्वजनिक सेवा के क्षेत्र में दिया जाने वाला एक प्रतिष्ठित अलंकरण था।


विश्व व्यापार संगठन (WTO) अस्तित्व में आया

1 जनवरी 1995 को विश्व व्यापार संगठन (World Trade Organization) की स्थापना हुई। यह संस्था अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों की निगरानी, व्यापार विवादों के समाधान और वैश्विक व्यापार को सुचारु बनाने के उद्देश्य से बनाई गई। इसने GATT (1947) का स्थान लिया।


यूरोप में साझी मुद्रा ‘यूरो’ का प्रचलन प्रारम्भ

1 जनवरी 1999 को यूरोप के 11 देशों ने साझा मुद्रा यूरो (€) को अपनाया। प्रारम्भ में इसका उपयोग बैंकिंग और इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन तक सीमित था, जबकि नोट और सिक्के 2002 में प्रचलन में आए। यूरोपीय एकीकरण की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम माना जाता है।


आज इनकी जयंती है - 


पवन दीवान जी

लोकप्रिय संत, कवि पवन दीवान (अमृतानंद) जी का जन्म 1 जनवरी 1945 को राजिम के समीप ग्राम किरवई में हुआ था। उन्होंने राजिम से ‘अंतरिक्ष’, ‘बिम्ब’ और ‘महानदी’ साहित्यिक पत्रिकाओं का संपादन किया। “तहूँ होबे राख, महूँ होहूँ राख…” उनकी अत्यंत चर्चित रचना है। वे राजिम से विधायक, मध्यप्रदेश शासन में जेल मंत्री, महासमुंद लोकसभा क्षेत्र से सांसद तथा छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष रहे। 


देवदास बंजारे जी

पंथी नृत्य के युगपुरोधा देवदास बंजारे जी का जन्म 1 जनवरी, 1947 को धमतरी जिले के साँकरा गाँव में हुआ था। सतनाम पंथ के धार्मिक अनुष्ठानों में प्रचलित पंथी लोक नृत्य को उन्होंने अद्भुत आकर्षण और व्यापक फलक प्रदान किया। उन्होंने लगभग 60 देशों में पंथी का प्रदर्शन कर इसे वैश्विक ख्याति दिलाई। उनके सम्मान में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा देवदास स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार स्थापित है। 




बुधवार, 31 दिसंबर 2025

आज का इतिहास : 31 दिसंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

 


ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना 

31 दिसंबर 1600 को महारानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा दिए गए एक शाही चार्टर के माध्यम से ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना हुई थी। इसे पूर्वी इंडीज के साथ व्यापार करने के लिए स्थापित किया गया था। व्यापार से शुरू होकर, कंपनी ने भारतीय उपमहाद्वीप पर धीरे-धीरे नियंत्रण कर लिया, जो 1757 में प्लासी के युद्ध के बाद प्रशासनिक शक्ति में बदल गया। अंत: 1858 में कंपनी का शासन समाप्त हुआ और भारत ब्रिटिश राज के अधीन हो गया और 1874 में यह कंपनी पूरी तरह से भंग कर दी गई।


• 'बेसिन की संधि' 

31 दिसंबर 1802 को मराठा पेशवा बाजीराव द्वितीय ने होलकर सरदारों से हारने के बाद ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ 'बेसिन की संधि' पर हस्ताक्षर किया। संधि के तहत पेशवा को विदेशी मामलों और सेना का नियंत्रण अंग्रेजों को देना पड़ा। यह संधि मराठा साम्राज्य के पतन का एक निर्णायक बिंदु थी। आगे चलकर द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध (1803-1805) हुआ और 1818 तक ईस्ट इंडिया कंपनी ने पेशवा के क्षेत्रों पर पूरी तरह कब्जा कर लिया।


लाहौर अधिवेशन में 'पूर्ण स्वराज्य' का लक्ष्य घोषित

31 दिसम्बर 1929 को लाहौर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वार्षिक अधिवेशन में 'पूर्ण स्वराज' को मुख्य लक्ष्य घोषित किया। लोगों ने ब्रितानी साम्राज्य से पूरी तरह से स्वतंत्र होकर 'अपना राज' बनाने के लिए संघर्ष करने की प्रतिज्ञा की थी। 


परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले के निषेध का समझौता

भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु प्रतिष्ठानों और सुविधाओं पर हमले के निषेध का समझौता 31 दिसंबर 1988 को हस्ताक्षरित हुआ, जो 27 जनवरी 1991 से प्रभावी हुआ। समझौते का उद्देश्य दोनों देशों को एक-दूसरे के परमाणु प्रतिष्ठानों या सुविधाओं पर सीधे या परोक्ष रूप से हमला करने से रोकना है। 


आज इनकी पुण्यतिथि है...

1956 - पंडित रविशंकर शुक्ल जी

पंडित रविशंकर शुक्ल जी (1877–1956) स्वतंत्रता सेनानी और अविभाजित मध्य प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री थे। वे 1937 में केंद्रीय प्रांत और बरार के मुख्यमंत्री बने। 1946 से 1956 तक मध्य प्रांत के मुख्यमंत्री रहे और 1956 में मध्य प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने। उनके नाम पर रायपुर में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय स्थापित है। 

1965 - वी. पी. मेनन जी

वी. पी. मेनन के नाम से जाने जाने वाले राय बहादुर वाप्पला पंगुन्नि मेनन (1893-1965) भारतीय प्रशासनिक सेवा के एक प्रतिष्ठित अधिकारी थे। वे सरदार वल्लभभाई पटेल जी के सहयोगी के रूप में भी याद किए जाते हैं। स्वतंत्रता के बाद भारतीय रियासतों के एकीकरण में उनकी अहम् भूमिका रही।  

आज का इतिहास : 30 दिसंबर की महत्वपूर्ण घटनाएं

 


सुभाष चंद्र बोस ने पोर्ट ब्लेयर में तिरंगा फहराया

30 दिसंबर 1943 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की राजधानी पोर्ट ब्लेयर में पहली बार भारतीय तिरंगा फहराया और इसे ब्रिटिश शासन से मुक्त घोषित कर अंडमान को ‘शहीद द्वीप’ और निकोबार को ‘स्वराज द्वीप’ नाम दिया।


मद्रास को पहला नगर निगम बनाने रॉयल चार्टर जारी

 ब्रिटेन के राजा जेम्स द्वितीय द्वारा 30 दिसंबर 1687 को जारी एक रॉयल चार्टर के तहत ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा 29 सितंबर 1688 को मद्रास निगम स्थापित किया गया था। यह भारत में पहला नगर निगम था, इसके बाद 1726 में बॉम्बे और कलकत्ता में निगम बने।


इराक के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को फाँसी

30 दिसंबर 2006 को इराक के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को बगदाद में फाँसी दी गई। 1982 में 148 शियाओं की हत्या (दुजैल नरसंहार) के लिए मानवता के खिलाफ अपराध का दोषी पाए जाने पर, इराकी विशेष न्यायाधिकरण ने उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। 


आज इनकी पुण्यतिथि है - 


1971 - डॉ. विक्रम साराभाई

डॉ. विक्रम साराभाई भारत के महान वैज्ञानिक और भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक माने जाते हैं। उनके नेतृत्व में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान की नींव पड़ी और आगे चलकर इसरो (ISRO) का विकास हुआ। 

1975 - दुष्यंत कुमार जी

दुष्यंत कुमार हिन्दी के अत्यंत लोकप्रिय कवि और ग़ज़लकार थे। उन्होंने ग़ज़ल को मंच, आंदोलन और जनसंघर्ष की भाषा बनाया। उनकी पंक्ति - “हो गई है पीर पर्वत-सी…” हिन्दी साहित्य की अमर पंक्तियों में गिनी जाती है।

1990 - रघुवीर सहाय जी

रघुवीर सहाय हिन्दी के प्रख्यात कवि, कथाकार और पत्रकार थे। वे नयी कविता आंदोलन के महत्वपूर्ण स्तंभ माने जाते हैं। 'लोग भूल गए हैं’, ‘आत्महत्या के विरुद्ध’ जैसी रचनाएँ उन्हें विशिष्ट पहचान देती हैं।

2009 - राजेन्द्र अवस्थी जी

राजेन्द्र अवस्थी हिन्दी साहित्य और पत्रकारिता के प्रतिष्ठित नाम थे। वे लोकप्रिय साहित्यिक पत्रिका ‘कादम्बिनी’ के लंबे समय तक संपादक रहे। उनकी लेखनी और संपादकीय दृष्टि ने हिन्दी पत्रकारिता को नई ऊँचाइयाँ दीं।



सोमवार, 29 दिसंबर 2025

आज का इतिहास : 29 दिसंबर की महत्वपूर्ण घटनाएं...

 


सुनील गावस्कर का सर्वश्रेष्ठ टेस्ट स्कोर

29 दिसंबर 1983 को भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने चेन्नई में वेस्टइंडीज़ के विरुद्ध नाबाद 236 रन का अपना सर्वश्रेष्ठ टेस्ट स्कोर बनाया। जो उस समय किसी भी भारतीय बल्लेबाज़ का सर्वोच्च स्कोर था। वर्तमान में भारतीय क्रिकेटरों में सर्वाधिक व्यक्तिगत टेस्ट स्कोर 319 रन वीरेन्द्र सहवाग के नाम दर्ज है, जो 2008 में चेन्नई में दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध था।  


जैव विविधता संधि लागू दिवस

संयुक्त राष्ट्र की जैव विविधता संधि 29 दिसंबर 1993 को प्रभाव में आई। इसी कारण प्रारंभ में यह दिन अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के रूप में मनाया जाता था, जिसे बाद में 22 मई कर दिया गया।


जन्म दिवस -


• मास्टर दीनानाथ मंगेशकर जी

मराठी रंगमंच के प्रसिद्ध अभिनेता, गायक और संगीतज्ञ मास्टर दीनानाथ मंगेशकर जी का जन्म 29 दिसम्बर 1900 को गोवा में मंगेशी गांव में हुआ था। वे स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर के पिता थे। उनके नाम पर भारतीय संगीत, नाट्य, कला, सामाजिक सेवा के क्षेत्र में "मास्टर दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार" स्थापित है।


रामानन्द सागर जी

भारत में सबसे लंबे समय तक चले और सर्वाधिक लोकप्रिय टेलीविज़न धारावाहिक "रामायण" बनाकर इतिहास रचने वाले प्रसिद्ध निर्माता निर्देशक रामानन्द सागर जी का जन्म 29 दिसंबर 1917 को लाहौर में हुआ था। उन्होंने आँखेंं, ललकार, गीत आरजू आदि अनेक सफल फ़िल्मों का निर्माण भी किया।


निधन -


पण्डित ओंकारनाथ ठाकुर

भारत के प्रसिद्ध संगीतज्ञ एवं हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायक पण्डित ओंकारनाथ ठाकुर (1897-1967) ग्वालियर घराने से संबंधित थे। आज़ादी की पहली सुबह उनके ही स्वरों से राग- 'देश' में निबद्ध होकर बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय की अमर रचना ‘वन्देमातरम्’ आकाशवाणी से प्रसारित हुई थी। 


मंजीत बावा

प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार मंजीत बावा (1941-2008) पहले चित्रकार थे, जिन्होंने पश्चिमी कला में प्रभावी ग्रे और ब्राउन से हटकर लाल और बैंगनी जैसे रंगों को चुना। उनके चित्रों पर प्रकृति, सूफी रहस्यवाद और भारतीय धर्म का गहरा प्रभाव था।



रविवार, 28 दिसंबर 2025

आज का इतिहास : 28 दिसंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

 


पंडित सुन्दरलाल शर्मा जी की पुण्यतिथि 


छत्तीसगढ के गांधी के रूप में प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक और साहित्यकार पंडित सुंदरलाल शर्मा जी का निधन 28 दिसंबर 1940 को हुआ था। वे छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता आंदोलन और सामाजिक क्रांति के अग्रदूत थे। उन्होंने छत्तीसगढ़ में छुआछूत, रूढ़िवादिता और अंधविश्वास के खिलाफ काम किया। वे कंडेल सत्याग्रह के प्रमुख सूत्रधार थे। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा साहित्य के क्षेत्र में उनके नाम पर "पंडित सुंदरलाल शर्मा सम्मान" दिया जाता है।


रतन टाटा जी का जन्मदिन 


भारतीय उद्योग जगत की मशहूर हस्ती रतन नवल टाटा जी का जन्म 28 दिसंबर 1937 को हुआ था। उन्होंने टाटा समूह का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में टाटा समूह ने वैश्विक विस्तार किया। उन्हें नवाचार और जनकल्याण से जुड़ी सोच के लिए जाना जाता है। उद्योग के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और समाजसेवा में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।


धीरूभाई अंबानी जी का जन्म दिवस 


भारत के अग्रणी उद्यमी और रिलायंस समूह के संस्थापक धीरूभाई अंबानी जी का जन्म 28 दिसंबर 1932 को हुआ था। उन्होंने सीमित संसाधनों से शुरुआत कर रिलायंस को भारत की सबसे प्रभावशाली औद्योगिक कंपनियों में स्थापित किया। जोखिम लेने की क्षमता, दूरदर्शिता और आत्मनिर्भर भारत की सोच धीरूभाई अंबानी की उद्यमशील विरासत के प्रमुख स्तंभ माने जाते हैं।


कुशाभाऊ ठाकरे जी की पुण्यतिथि 


कुशाभाऊ ठाकरे जी (1922–2003) भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख वैचारिक स्तंभ और संगठनकर्ता थे। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से आए और लंबे समय तक भारतीय जनसंघ व बाद में भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ करने में लगे रहे। 1998 से 2000 तक उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। अनुशासित जीवन, सादगी और कार्यकर्ताओं के बीच गहरी पैठ के कारण वे “संगठन पुरुष” के रूप में पहचाने जाते हैं। 


अरुण जेटली जी का जन्म दिवस 


अरुण जेटली जी (28 दिसंबर 1952 - 24 अगस्त 2019) भारत के प्रमुख राजनेता, प्रखर वक्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता थे। वे भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में रहे और केंद्र सरकार में वित्त, रक्षा, कॉर्पोरेट कार्य, सूचना एवं प्रसारण जैसे महत्त्वपूर्ण मंत्रालयों का दायित्व संभाला। वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने वस्तु एवं सेवा कर (GST) जैसे ऐतिहासिक कर सुधार को लागू करने में निर्णायक भूमिका निभाई। 


भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला अधिवेशन 


भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला अधिवेशन 28 दिसंबर 1885 को बंबई (अब मुंबई) के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में आयोजित किया गया था। इस अधिवेशन में देश भर के 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। इसकी अध्यक्षता व्योमेश चन्द्र बनर्जी ने की थी। कांग्रेस की स्थापना में सेवानिवृत्त ब्रिटिश अधिकारी ए.ओ. ह्यूम की प्रमुख भूमिका थी।


कोलकाता में पहली बार बोलती फ़िल्म मेलोडी ऑफ लव प्रदर्शित


28 दिसंबर 1928 को कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) के एल्फिंस्टन पिक्चर पैलेस में पहली बार बोलती फिल्म 'मेलोडी ऑफ लव' प्रदर्शित की गई थी। यह 1928 में निर्मित एक अमेरिकी रोमांटिक फिल्म थी। यह ऐतिहासिक प्रदर्शन मदन थिएटर्स के प्रयास से हुआ, जो भारत में ध्वनि सिनेमा की शुरुआत का संकेत था। भारतीय सिनेमा में पहली आधिकारिक बोलती फिल्म 'आलम आरा' 14 मार्च 1931 में रिलीज़ हुई थी।



शनिवार, 27 दिसंबर 2025

आज का इतिहास : 27 दिसंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

 


• विश्व बैंक की स्थापना 


विश्व बैंक की स्थापना 27 दिसंबर 1945 को द्वितीय विश्व युद्ध के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण और विकास के उद्देश्य से हुई। यह 1944 के ब्रेटन वुड्स सम्मेलन का प्रमुख परिणाम था। प्रारंभ में इसे अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक (IBRD) के रूप में स्थापित किया गया, जो आज विश्व बैंक समूह का एक प्रमुख अंग है। विश्व बैंक का मुख्य उद्देश्य युद्ध-प्रभावित देशों के पुनर्निर्माण में सहायता करना, गरीबी उन्मूलन और विकासशील देशों को वित्तीय व तकनीकी सहयोग प्रदान करना है। इसका मुख्यालय वाशिंगटन डी.सी. अमेरिका में स्थित है। वर्तमान में IBRD के 189 सदस्य देश हैं। 


शहीद लांस नायक अल्बर्ट एक्का का जन्म दिवस 


27 दिसंबर 1942 को जन्मे लांस नायक अल्बर्ट एक्का भारतीय सेना के उन वीर सपूतों में शामिल हैं, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान दिया। वे बिहार रेजिमेंट की 14वीं बटालियन में सेवारत थे। 1971 के भारत–पाक युद्ध के दौरान, तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) के गंगासागर क्षेत्र में उन्होंने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में दुश्मन की मजबूत चौकियों पर आक्रमण किया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को पूरा किया और अंततः वीरगति को प्राप्त हुए। उनकी असाधारण बहादुरी, नेतृत्व और आत्मबलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान 'परमवीर चक्र' से सम्मानित किया गया। 


मिर्ज़ा ‘ग़ालिब’ का जन्म दिवस 


उर्दू और फ़ारसी साहित्य के महान शायर मिर्ज़ा ग़ालिब का जन्म 27 दिसंबर 1797 को आगरा उतर प्रदेश में हुआ था। उनका पूरा नाम मिर्ज़ा असदुल्लाह ख़ाँ बेग था। ग़ालिब का काव्य जीवन, प्रेम, पीड़ा, दर्शन और अस्तित्व संबंधी प्रश्नों की गहरी अभिव्यक्ति करता है। उन्होंने ग़ज़ल को केवल प्रेम-काव्य तक सीमित न रखकर उसमें बौद्धिकता, आत्मचिंतन और दार्शनिक गहराई जोड़ी। ग़ालिब की शायरी आज भी साहित्य, संस्कृति और जनमानस में कालजयी प्रभाव बनाए हुए है, और उन्हें उर्दू साहित्य की आधुनिक चेतना का अग्रदूत माना जाता है।


बेनज़ीर भुट्टो की हत्या 


27 दिसंबर 2007 को रावलपिंडी में पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री और तत्कालीन विपक्षी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की नेता बेनज़ीर भुट्टो की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वे जनवरी 2008 में होने वाले चुनावों से पहले प्रचार कर रही थीं। लियाकत नेशनल बाग में एक राजनीतिक रैली के बाद उन पर गोलियां चलाई गईं और गोलीबारी के तुरंत बाद एक आत्मघाती बम विस्फोट किया गया। रावलपिंडी जनरल अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। 


सार्वजनिक रूप से पहली बार ‘जन गण मन’ का गायन


गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा रचित ‘जन गण मन’ का पहली बार सार्वजनिक रूप से गायन 27 दिसंबर 1911 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता वार्षिक अधिवेशन में हुआ था। इस रचना में भारत के विभिन्न प्रांतों और जनसमूहों का प्रतीकात्मक उल्लेख है, जो एकीकृत राष्ट्र की अवधारणा या राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करता है। स्वतंत्रता के पश्चात 24 जनवरी 1950 को ‘जन गण मन’ को भारत के राष्ट्रगान के रूप में औपचारिक रूप से स्वीकार किया गया।



शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025

आज का इतिहास : 26 दिसंबर की महत्वपूर्ण घटनाएं

 


वीर बाल दिवस 


भारत में हर साल 26 दिसंबर को 'वीर बाल दिवस' मनाया जाता है। यह दिन सिखों के दसवें गुरु 'श्री गुरु गोबिंद सिंह जी' के छोटे साहिबजादों - 'बाबा जोरावर सिंह' और 'बाबा फतेह सिंह' के अद्वितीय बलिदान को याद करने के लिए समर्पित है। 1705 में मुगल शासकों ने दोनों छोटे साहिबजादों को कैद कर धर्म परिवर्तन के लिए घोर यातनाएं दीं, लेकिन उन्होंने सिख धर्म त्यागने से इनकार कर दिया, इस वजह से उन्हें दीवार में जिंदा चिनवा कर शहीद किया गया। बहुत कम उम्र में धर्म, सच्चाई और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर देने वाले इन दोनों वीर बालकों के साहस और बलिदान को राष्ट्र सदैव याद रखे, इस उद्देश्य से 9 जनवरी 2022 को श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के दिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 'वीर बाल दिवस' की घोषणा की थी।


अमर शहीद ऊधम सिंह की जयंती 


महान क्रांतिकारी अमर शहीद ऊधम सिंह का जन्म 26 दिसंबर 1899 का जन्म पंजाब के संगरूर ज़िले के सुनाम गाँव में हुआ था। उन्होंने 13 अप्रैल 1919 ई. को पंजाब में हुए भीषण जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड के उत्तरदायी जनरल माइकल ओ'डायर की लंदन में गोली मारकर हत्या कर निर्दोष भारतीय लोगों की मौत का बदला लिया था। 31 जुलाई 1940 को उन्हें 'पेंटनविले जेल' में फाँसी दे दी गयी। 


पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की पुण्यतिथि


डॉ. मनमोहन सिंह भारत के 13वें प्रधानमंत्री थे। उनका जन्म पाकिस्तान में 26 सितंबर सन् 1932 ई. को 'गाह' नामक गाँव में हुआ था। देश के विभाजन के बाद उनका परिवार भारत चला आया। वे एक कुशल राजनेता और प्रशासक के साथ-साथ उच्च कोटि के विद्वान, अर्थशास्त्री और विचारक भी थे। वे 22 मई 2004 से 26 मई 2014 तक प्रधानमंत्री रहे। 26 दिसंबर 2024 को उनका निधन हुआ। 


मुग़ल बादशाह बाबर का इंतकाल 


भारतीय इतिहास में 'बाबर' के नाम से प्रसिद्ध, मुग़ल शासक 

'ज़हिर उद-दिन मुहम्मद बाबर' का इंतकाल 26 दिसम्बर 1530 ई. को आगरा में हुआ था। वह भारत में 'मुग़ल वंश का संस्थापक' था। 1526 ई. में पानीपत के प्रथम युद्ध में 'दिल्ली सल्तनत' के अंतिम वंश (लोदी वंश) के 'सुल्तान इब्राहीम लोदी' को पराजित कर बाबर ने 'भारत में मुग़ल वंश की स्थापना' की थी।